श्री जानकी जी की आरती · Janaki (Sita) Aarti

"आरती श्री जनक दुलारी की", राजा जनक की लाडली और राम की पत्नी सीता की आरती।

  1. आरती श्री जनक दुलारी की ।arti shri janak dulari ki |सीता जी रघुवर प्यारी की ॥sita ji raghuvar pyari ki ||

    āratī śrī janaka dulārī kī । sītā jī raghuvara pyārī kī ॥

    श्री जनक दुलारी की आरती, रघुवर की प्यारी सीता जी की।

    The aarti of Shri Janaka's darling, of Sita, beloved of Raghuvara (Rama).

  2. जगत जननी जग की विस्तारिणि नित्य सत्य साकेत-विहारिणि परम दयामयी दीनोद्वारिणि सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥jagat janani jag ki vistarini nitya satya saket-viharini param dayamayi dinodwarini sita maiya bhaktan hitakari ki ||

    jagata jananī jaga kī vistāriṇi nitya satya sāketa-vihāriṇi parama dayāmayī dīnodvāriṇi sītā maiyā bhaktana hitakārī kī ॥

    जगत की जननी, जग का विस्तार करने वाली, नित्य, सत्य, साकेत में विहार करने वाली, परम दयामयी, दीनों का उद्धार करने वाली: भक्तों का हित करने वाली सीता मैया की।

    Mother of the world, who spreads the world, eternal and true, dwelling in Saketa, supremely compassionate, uplifter of the lowly: of Mother Sita, who does good to her devotees.

    संस्करणों में अंतर: «जगत जननी जग की विस्तारिणी नित्य सत्य साकेत विहारिणी परम दयामयी दिनोधारिणी सीता मैया भक्तन हितकारी की» (bhaktibharat, hindunidhi); «जगत जननी जग की विस्तारिणि नित्य सत्य साकेत-विहारिणि परम दयामयी दीनोद्वारिणि सीता मैया भक्तन हितकारी की» (drikpanchang). The reading shown is that of the most-visited of these sites (Tranco ranking, see the editorial policy).

  3. सती श्रोमणि पति हित कारिणि पति सेवा हित वन-वन चारिणि पति हित पति वियोग स्वीकारिणि त्याग धर्म मूरति धारी की ॥sati shromni pati hit karini pati seva hit van-van charini pati hit pati viyog swikarini tyag dharm murati dhari ki ||

    satī śromaṇi pati hita kāriṇi pati sevā hita vana-vana cāriṇi pati hita pati viyoga svīkāriṇi tyāga dharma mūrati dhārī kī ॥

    सतियों में शिरोमणि, पति का हित करने वाली, पति की सेवा के लिए वन-वन घूमने वाली, पति के हित के लिए उनका वियोग स्वीकार करने वाली: त्याग और धर्म की मूर्ति की।

    Jewel of faithful wives, who did good to her husband, who wandered from forest to forest to serve him, who for his sake accepted separation from him: of her who is the image of sacrifice and dharma.

    संस्करणों में अंतर: «सती श्रोमणि पति हित कारिणी पति सेवा वित्त वन वन चारिणी पति हित पति वियोग स्वीकारिणी त्याग धर्म मूर्ति धरी की» (bhaktibharat, hindunidhi); «सती श्रोमणि पति हित कारिणि पति सेवा हित वन-वन चारिणि पति हित पति वियोग स्वीकारिणि त्याग धर्म मूरति धारी की» (drikpanchang). The reading shown is that of the most-visited of these sites (Tranco ranking, see the editorial policy).

  4. विमल कीर्ति सब लोकन छाई नाम लेत पावन मति आई सुमिरत कटत कष्ट दुखदाई शरणागत जन भय-हारी की ॥vimal kirti sab lokan chhai nam let pavan mati ai sumirat katat kasht dukhadai sharanagat jan bhay-hari ki ||

    vimala kīrti saba lokana chāī nāma leta pāvana mati āī sumirata kaṭata kaṣṭa dukhadāī śaraṇāgata jana bhaya-hārī kī ॥

    उनकी निर्मल कीर्ति सब लोकों में छाई है; नाम लेते ही बुद्धि पावन हो जाती है; स्मरण करते ही दुःखदायी कष्ट कट जाते हैं: शरणागतों का भय हरने वाली की।

    Her spotless fame fills all the worlds; taking her name purifies the mind; remembering her cuts away painful suffering: of her who removes the fear of those who take refuge.

इस पाठ के बारे में

मिथिला के राजा जनक की पुत्री होने से जानकी कहलाने वाली सीता जगत की माता और भक्ति का आदर्श मानी जाती हैं। यह छोटी आरती उन्हें साकेत (दिव्य अयोध्या) में नित्य विहार करने वाली, दीनों का उद्धार करने वाली परम दयामयी, सतियों में शिरोमणि बताती है, जो राम के साथ वन-वन घूमीं और उनके लिए वियोग स्वीकार किया, जिनकी निर्मल कीर्ति सब लोकों में छाई है और जिनका नाम स्मरण करने से कष्ट कटते हैं। इस आरती के ऑनलाइन संस्करण इसकी कई पंक्तियों में अलग हैं; सबसे अधिक देखी जाने वाली साइट का पाठ दिखाया गया है और जिन पंक्तियों में अंतर है उनके नीचे हर संस्करण का पाठ दिया गया है।

पाठ कैसे किया जाता है

इसे सीता नवमी (जानकी जयंती), राम नवमी और विवाह पंचमी पर, और राम-सीता की आरती में गाया जाता है। परंपराएँ भिन्न होती हैं।

कब पढ़ा जाता है

और पढ़ें: राम

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  • : प्रकाशित। पाठ स्वतंत्र स्रोतों से पंक्ति-दर-पंक्ति मिलाया गया (संपादकीय नीति देखें)।

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