बसंत पंचमी सरस्वती पूजा विधि · Vasant Panchami Saraswati Puja Vidhi

बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा कैसे करें: पीले वस्त्र, सफेद और पीले फूल, सफेद चंदन, पीला भोग और आरती, जैसा प्रकाशित विधियाँ बताती हैं।

पूजा कैसे करें

कब

बसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को, वसंत ऋतु के आरंभ में होती है; तिथि के लिए बसंत पंचमी पृष्ठ देखें।

सामग्री

  • सरस्वती का चित्र या प्रतिमा, और पीले या सफेद कपड़े वाली चौकी
  • सफेद और पीले फूल, और माला
  • सफेद चंदन, अक्षत, दीपक और धूप
  • पीला भोग: केसर की खीर, बूंदी, बेसन के लड्डू, या अन्य पीली मिठाइयाँ और फल

पूजा

  • स्नान करके पीले, केसरिया या सफेद वस्त्र पहनें; पीला इस दिन का रंग है।
  • पूजा स्थान साफ करके सरस्वती को पीले फूलों से सजी चौकी पर विराजमान करें।
  • सफेद चंदन लगाएँ, और सफेद-पीले फूल और अक्षत चढ़ाएँ।
  • पीला भोग लगाएँ।
  • सरस्वती वंदना ("या कुन्देन्दु") या सरस्वती चालीसा का पाठ करें।
  • सरस्वती आरती से समापन करें और प्रसाद बाँटें।

इस दिन यह भी

  • बसंत पंचमी विद्यारंभ और अन्य नए शुभ कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है।

ये चरण हमने अपने शब्दों में लिखे हैं; हर चरण नीचे दिए गए कम से कम दो प्रकाशित स्रोतों में मिलता है, और जो चरण केवल एक स्रोत में मिला उसे छोड़ दिया गया है। पूजा-विधि परिवार, क्षेत्र और संप्रदाय के अनुसार अलग होती है; अपने कुल-पुरोहित या परिवार की परंपरा को प्राथमिकता दें।

इस पाठ के बारे में

बसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का पर्व है और विद्या, संगीत और वाणी की देवी सरस्वती का दिन है। खिली सरसों के खेतों का रंग, पीला, इस दिन पहना और चढ़ाया जाता है। इस पृष्ठ पर घर की पूजा वैसे दी गई है जैसे नीचे दी गई प्रकाशित विधियाँ बताती हैं। परंपराएँ क्षेत्र और समुदाय के अनुसार अलग हैं: जहाँ अंतर हो, अपने परिवार की रीति अपनाएँ।

कब पढ़ा जाता है

और पढ़ें: सरस्वती

और पूजा विधि

स्रोत और जाँच

तुलना किए गए संस्करण
    कथा के स्रोत
    पाठ की जाँच
    सनातनशाला संपादकीय प्रक्रिया
    अंतिम जाँच

    परिवर्तन सूची

    • : प्रकाशित। इस पृष्ठ पर दिए गए प्रकाशित रूपों से हमारे शब्दों में लिखी विधि (संपादकीय नीति देखें)।

    त्रुटि बताएं

    इस पृष्ठ में कोई गलती मिली? बताएं क्या और कहाँ।