कैसे रखे सोमवार का व्रत

0
234
views

धार्मिक ग्रंथों में सोमवार के दिन को पूर्ण रूप से भोलेनाथ की आराधना करने के लिए समर्पित किया गया है। सोमवार के दिन का व्रत भगवांन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है।
कहते है जिस किसी भी जातक पर स्वयं भगवान् शिव की कृपा बरसती है उसे अन्य किसी की पूजा की आवश्यता नही है। भोलेनाथ की कृपा से ही अच्छे वर की प्राप्ति होती है। इसलिए जरूरी हो जाता है कि स्त्री जातक को तो आज के दिन ये व्रत अवश्य करना चाहिए ताकि उन्हें योग्य वर की प्राप्ति हो सके।

परंतु कई बार हम किसी व्रत को करने का बीड़ा तो उठा लेते है परंतु उसे सही विधि विधान से संपन्न करने का ज्ञान न होने की वजह से मनोवांछित फल नही प्राप्त कर पाते तो ऐसे में जरुरी है कि व्रत की सही विधि का ज्ञान हो। साथ ही सोमवार के दिन शिव की पूजा कैसे करनी है इन सब से जुड़ी सभी छोटी छोटी बातों का उल्लेख आज हम इस लेख के माध्यम से करने जा रहे है।

सोमवारी व्रत विधि:-

सोमवार का व्रत रखने के लिए पहले मन में 16 या 21 हफ्ते व्रत करने का प्रण ले और ध्यान रहे की किसी भी हफ्ते ये छुटे नहीं। कहा जाता है कि 16 सोमवार का व्रत करने पर मनचाहे जीवन साथी की प्राप्ति होती है।
सोमवार के दिन प्रातः काल जल्दी उठ कर स्नान ध्यान और नित्यप्रति क्रिया करने के बाद शिव मंदिर जाकर या घर पर ही शिवलिंग पर कच्चा दूध और फ़ल चढ़ाएं। अगर बेल पत्र या धतूरा मिल जाए तो और अच्छी बात है।
घर में पूजा करने से पूर्व गंगाजल छिड़क कर उसे पवित्र कर लें तत्पश्चात शिव पार्वती और भगवान् गणेश की मूर्ति स्थापित करें।।
याद रहें कि भगवान् शिव की पूजा से पूर्व गणेश भगवान् की आराधना करें। तत्पश्चात माता पार्वती और महादेव की आराधना करें।
फिर भगवान शिव, माता पार्वती के बाद नन्दी देव की पूजा करनी चाहिए। पूजन सामग्री में दूध, दही, जल, शहद, घी, चीनी, मोली, पंचामृ्त, वस्त्र, चन्दन, जनेऊ, रोली, बेल-पत्र, चावल, आक-धतूरा, फूल, भांग, पान-सुपारी, इलायची, कमल गठ्टा, प्रसाद, लौंग, मेवा के साथ दक्षिणा चढ़ाई जाती है।

इतना करने के बाद:-

“मम क्षेमस्थैर्यविजयारोग्यैश्वर्याभिवृद्धयर्थं सोमव्रतं करिष्ये’ मंत्र का जाप करें।”


इस व्रत को संपूर्ण करने हेतु माता पार्वती और शिव की कथा जरूर सुने इनके बिना व्रत पूर्ण नही माना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार सोमवार व्रत में तीन पहर तक उपवास रखकर उसके बाद व्रत खोलना चाहिए। यानी कि एक समय भोजन करना चाहिए।
तो ये थी सोमवार के दिन व्रत करनें की संपूर्ण विधि इसी प्रकार के ज्योतिष, धर्म और आध्यात्म से सम्बंधित लेखों को पढ़ने के लिए हमसे जुड़ें रहें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here