श्री लक्ष्मी-नारायण पूजन विधि

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श्री लक्ष्मी-नारायण पूजन विधि

सामग्री

देव मूर्ति के स्नान के लिए तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, जल का कलश, दूध, देव मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र व आभूषण। चावल, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, फूल, अष्टगंध।तुलसी दल, तिल, जनेऊ।प्रसाद के लिए फल, दूध, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, शक्कर, पान, दक्षिणा में से जो भी हो।


सकंल्प

किसी विशेष मनोकामना के पूरी होने की इच्छा से किए जाने वाले पूजन में संकल्प की जरुरत होती है।निष्काम भक्ति बिना संकल्प के भी की जा सकती है।

पूजन शुरू करने से पहले सकंल्प ले। संकल्प करने से पहले हाथों में जल, फूल व चावल लें।सकंल्प में जिस दिन पूजन कर रहे हैं उस वर्ष, उस वार, तिथिउ स जगह और अपने नाम को लेकर अपनी इच्छा बोलें।अब हाथों में लिए गए जल को जमीन पर छोड़ दें।

संकल्प का उदाहरण

जैसे 08/06/2017 को श्री लक्ष्मी नारायण का पूजन किया जाना है। तो इस प्रकार संकल्प लें। मैं ( अपना नाम बोलें ) विक्रमसंवत् 2072 को, वैशाख मास के तृतीया तिथि को मंगलवार के दिन , कृति कान क्षत्र में, भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य के उज्जैन शहर में महाकालेश्वर तीर्थ में इस मनोकामना से (मनोकामना बोलें ) श्री लक्ष्मी-नारायण का पूजन कर रही / रहा हूं।

श्री लक्ष्मी और नारायण पूजन की सरल विधि

सर्व प्रथम भगवान गणेश पूजन करें । गणेश जी को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें।गंध, पुष्प, अक्षत से पूजन करें।अब लक्ष्मी और नारायण का पूजन शुरू करें।

देव मूर्ति में लक्ष्मी और नारायण को स्नान कराएं।स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और वापिस जल से स्नान कराएं।लक्ष्मी और नारायण को वस्त्र अर्पित करें।वस्त्रों के बाद आभूषण पहनाएं।अब पुष्प माला पहनाएं। सुगंधित इत्र अर्पित करें। अब तिलक करें।तिलक के लिए कुमकुम का प्रयोग करें।अब धूप व दीप अर्पित करें। फूल अर्पित करें।श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक लगाएं । आरती करें।आरती के पश्चात्परिक्रमा करें। अब नेवैद्य अर्पित करें। ‘‘ ऊँनमोनाराणाय ’’कहते हुए भगवान शिव कोअष्ट गंध का तिलक लगाएं। ‘‘ऊँलक्ष्मयैनमः’’ कहते हुए माता पार्वती को कुमकुम का तिलक लगाएं।लक्ष्मी-नारायण के पूजन के समय ‘‘ऊँलक्ष्मीनारायणाभ्यांनमः ’’मंत्र का जप करते रहें।

 

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