श्री गौरी / देवी पार्वती पूजन की विधि – सनातनशाला (Poojan)

0
849
views
#poojan,#gaurimakapoojanvidhi,
किसी विशेष मनोकामना के पूरी होने की इच्छा से किए जाने वाले पूजन में संकल्प की जरूरत होती है।निष्काम भक्ति बिना संकल्प के भी की जा सकती है।पूजन शुरू करने से पहले सकंल्प लें।संकल्प करने से पहले हाथों में जल, फूल व चावल लें।

श्रीगौरी / देवी पार्वती पूजन की विधि (Poojan)

(Poojan) सामग्री

देव मूर्ति के स्नान के लिए तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, जल का कलश, दूध, देव मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र व आभूषण।चावल, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, अष्ट गंध।गुलाब के फूल।प्रसाद के लिए फल, दूध, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, शक्कर, पान, दक्षिणा में से जो भी हो।


(Poojan) सकंल्प

किसी विशेष मनोकामना के पूरी होने की इच्छा से किए जाने वाले पूजन में संकल्प की जरूरत होती है।निष्काम भक्ति बिना संकल्प के भी की जा सकती है।पूजन शुरू करने से पहले सकंल्प लें।संकल्प करने से पहले हाथों में जल, फूल व चावल लें।सकंल्प में जिस दिन पूजन कर रहे हैंउस वर्ष, उस वार, तिथिउस जगह और अपने नाम को लेकर अपनी इच्छा बोलें।अब हाथों में लिए गए जल को जमीन पर छोड़ दें।

(Poojan) संकल्प का उदाहरण

जैसे 09/06/2017 को श्रीगौरी का पूजन किया जाना है।तो इस प्रकार संकल्प लें। मैं( अपना नाम बोलें ) विक्रमसंवत् 2072 को, चैत्र मास के तृतीया तिथि को सोेमवार के दिन, भरणी नक्षत्र में, भारत देश के मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन शहर में महाकालेश्वर तीर्थ में इस मनोकामना से (मनोकामना बोलें) श्री गौरी का पूजन कर रही हूं।

देवी पार्वती पूजन की सरल विधि (Poojan)

श्रीगणेश के पूजन से शुरू करें। भगवान गणेश को स्नान कराएं।वस्त्र अर्पित करें।गंध, पुष्प, अक्षत अर्पित करें।अब देवी पार्वती का पूजन शुरू करें । देवी पार्वती की मूर्ति भगवान शिव के बायीं और स्थापित करना चाहिए।मूर्ति में देवी पार्वती का आवाहन करें।आवाहन यानी कि बुलाना।देवी पार्वती को अपने घर में आसन दें।अब देवी को स्नान कराएं।स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और वापिस जल से स्नान कराएं।अब देवी पार्वती को वस्त्र अर्पित करें।वस्त्रों के बाद आभूषण पहनाएं।अब पुष्प माला पहनाएं।सुगंधित इत्र अर्पित करें।अब तिलक करें।अब धूप व दीप अर्पित करें।देवी पार्वती को फूल और चावल अर्पित करें।श्रद्धा नुसार घी या तेल का दीपक लगाएं।आरती करें।आरती के पश्चात्परिक्रमा करें।अब नेवैद्य अर्पित करें।देवी पार्वती पूजन के दौरन ’’ऊँगौर्येनमः’’ या ’’ऊँपार्वत्यैनमः’’ इस मंत्र का जप करते रहें।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here